श्रीराम नयनाभिराम
श्री सुखधाम के गुण गाइए
सीता पुनीता ज्ञान गीता
ध्यान में रस पाइए
लक्ष्मण शरण मंगल करण
भय शोक रोग मिटाईए
भरत रक्षा करत प्रतिपल
विपुल वैभव पाइए
शत्रुघ्न हैं निर्विघ्नकारक
प्रणत शीश नवाइये
बजरंग अंग सुरंग की
पवन चरण रज पाइए
श्रीराम के दरबार की
झांकी मनोरम ध्याइये
इस भांति कलिमल हरण प्रिय
सुख सम्पदा यश पाइए
श्री सुखधाम के गुण गाइए
सीता पुनीता ज्ञान गीता
ध्यान में रस पाइए
लक्ष्मण शरण मंगल करण
भय शोक रोग मिटाईए
भरत रक्षा करत प्रतिपल
विपुल वैभव पाइए
शत्रुघ्न हैं निर्विघ्नकारक
प्रणत शीश नवाइये
बजरंग अंग सुरंग की
पवन चरण रज पाइए
श्रीराम के दरबार की
झांकी मनोरम ध्याइये
इस भांति कलिमल हरण प्रिय
सुख सम्पदा यश पाइए