Saturday, February 26, 2011

हनुमत वंदन

ज्ञान के निधान भगवान् अंजनी सपूत
क्षण भर में क्षार करें विपदाएं हंत की
ध्यान के वितान श्रीराम के प्रधान दूत
रोग शोक हरें सभी पीडाएं संत की

ज्ञान के अजान श्रीमान शक्ति में अकूत
गिरिधर की ख्याति भक्ति चर्चा अनन्त की
गान के विहान हनुमान यश कीर्ति सूत
दुःख दैन्य दूर करें व्याधि आदि अंत की

दान में महँ सम्मान के सुजन सेतु
सेवा में लीन सदा सीता के कंत की
भान में प्रधान कांतिवान शुद्ध अवधूत
वज्र अंग ध्यान मग्न शोभा श्रीमंत की

यान के सामान पवमान के प्रसून पूत
पल भर में पार करें दूरियां दिगंत की
मान के निदान स्वाभिमान की सुरक्षा हेतु
आदि से अनन्त है छलांग हनुमंत की

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